Friday, June 12, 2009

प्यार से प्यार तो कर के देख....

कभी प्यार से प्यार तो कर के देख
इसे मेरी नज़र से तो कर के देख

जो कभी भी पाना हो मेरा प्यार तो
जरा आँख में आंसू तो भर के देख

है इश्क में एक खौफ भी, और खौफ में मज़ा भी है
जो चाहिए ये मज़ा कभी तो ज़माने से तू डर के देख

इस इश्क की वजह है क्या, दिल की लगी या दिल्लगी
गर जानना है तुझको कभी, तो मेरे दिल में तू उतर के देख

10 comments:

श्यामल सुमन said...

रचना में सुन्दर भाव के साथ साथ खूबसूरत तस्वीर भी। अच्छा लगा। आपने कहा कि-

है इश्क में एक खौफ भी, और खौफ में मज़ा भी है
जो चाहिए ये मज़ा कभी तो ज़माने से तू डर के देख

किसी शायर ने कहा है कि-

मुहब्बत ही मुहब्बत जिन्दगी है गर कोई समझे।
वर्ना जिन्दगी तो मौत के साये में पलती है।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.

ओम आर्य said...

ek khubsoorat bhawabyakti.....chitratamkata hai aapkee kawita me

काजल कुमार Kajal Kumar said...

प्यार की खुमारी उतरने में अपना वक्त है...कोई और रास्ता नहीं.

●๋• सैयद | Syed ●๋• said...

कभी प्यार से प्यार तो कर के देख..

....खूबसूरत ख्याल ...

AlbelaKhatri.com said...

bahut khoob !

सुशील कुमार छौक्कर said...

है इश्क में एक खौफ भी, और खौफ में मज़ा भी है
जो चाहिए ये मज़ा कभी तो ज़माने से तू डर के देख


बहुत ही उम्दा।

dr. ashok priyaranjan said...

भाव के स्तर पर कविता काफी प्रभावित करती है । -

http://www.ashokvichar.blogspot.com

रवींद्र कैलासिया said...

This poem is touchable of heart.
Ravindra Kailasia
my blog is
servsatyanaash.blogspot.com

~♥~Dєєηค~♥~ said...

Shukriya Doston!!!

M VERMA said...

कभी प्यार से प्यार तो कर के देख
इसे मेरी नज़र से तो कर के देख
nazar kee yah ada bahut pyari lagi